ज्ञान, इंटरनेट (वैश्विक अन्तरजाल) एवं पुस्तकें

गीता में कहा गया है – ‘ज्ञानात ऋते न मुक्ति’ अर्थात ज्ञान के बिना मुक्ति संभव नहीं है | ज्ञान की प्राप्ति का मुख्य मार्ग है ‘स्वाध्याय’ | ज्ञान एवं अध्ययन का महत्वपूर्ण स्रोत है- पुस्तकें | आज प्रत्येक भाषा में विपुल साहित्य उपलब्ध है | प्रत्येक मनुष्य अपनी क्षमता के अनुसार अध्ययन करके अपने ज्ञान क्षितिज का विस्तार कर सकता है |

एक युग था जब पुस्तकों का प्रकाशन संभव नहीं था | ज्ञान का माध्यम वाणी ही थी | परन्तु आज के आधुनिक युग में पुस्तक छपाई की आधुनिक तकनीक से हमें ऋषि मुनियों, दार्शनिकों, तांत्रिकों व ज्योतिष विद्वानों के विचार मुद्रित रूप में उपलब्ध हैं | इन सबका अध्ययन करके हम अपने जीवन को प्रगति पथ पर अग्रसर कर सकते हैं |

पुस्तकें हमें साहस और धैर्य प्रदान करती हैं | अच्छा, ज्ञानवर्धक साहित्य हमें अमृत के समान प्राणशक्ति देता है | पुस्तकों के पढ़ने से जो आनंद मिलता है वह ब्रह्मानन्द के ही समान होता है |

वेद, शास्त्र, रामायण, मंत्र रचनाएं व गीता आदि ग्रन्थ हमारे जीवन की अमूल्य निधि है | सृष्टि के आदिकाल से वर्तमान काल का सम्पूर्ण ज्ञान पुस्तकों में ही सुरक्षित है |

भर्तृहरि ने कहा है बुद्धिमान लोग वही हैं जो अपने समय को शास्त्र-अध्ययन में व्यतीत करते हैं | हमें पुस्तकों के अध्ययन के पश्चात मनन भी करना चाहिए | अध्ययन, चिंतन और मनन में गहरा सम्बन्ध है | अध्ययन के बिना चिंतन परिष्कृत नहीं होता और मनन के बिना अध्ययन व्यर्थ है |

किन्तु आज की पीढ़ी इंटरनेट पर ही सभी पुस्तकों को अल्प समय में ई-बुक के माध्यम से निशुल्क पढ़ने में अधिक रूचि रखती है | किन्तु कम्प्यूटर पर अधिक समय व्यतीत करने से आँखों की रोशनी पर दुष्प्रभाव पड़ता है, साथ ही मानसिक दबाव भी बढ़ता है | इसके साथ पाठको को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि इंटरनेट पर अधिकांश ग्रंथो की अपूर्ण जानकारी ही उपलब्ध है जिससे उनका अहित हो सकता है |

अतः पाठकों को चाहिए कि पुस्तकों को उचित मूल्य पर क्रय करके अपनी सुविधा एवं समय अनुसार अध्ययन करें | पुस्तकों को खरीद कर पढ़ने से ज्ञान प्राप्त करने का सबसे बड़ा लाभ यह है कि पुस्तकें हमारे साथ लम्बे समय तक रहती हैं, उनसे एक लगाव हो जाता है, सरलता से कभी-भी उनका पुनरावलोकन किया जा सकता है | पुस्तकों को पढ़ने में जो आनंद है, उस अलौकिक सुख की अनुभूति हम कंप्यूटर या मोबाइल जैसे भौतिक यन्त्र पर नहीं कर सकते हैं | हमारा उद्देश्य कंप्यूटर या मोबाइल पर मिल रही जानकारी का विरोध करना भी नहीं है किन्तु इंटरनेट से हमे मात्र सूचना ही मिल सकती है, वह संपूर्ण ज्ञान का माध्यम नहीं बन सकता |

पुस्तकें ऐसी मित्र हैं जो प्रत्येक स्थान व काल में सहायक होती हैं | इसी कारण लाखों लोग गीता, हनुमान चालीसा व गुरुवाणी सदैव अपने साथ रखते हैं | समय मिलने पर इन पुस्तको का पाठ संबल प्रदान करता है | अनेक लोग छोटी-छोटी ज्ञान की पुस्तकों का वितरण करके लाखों लोगो को तो विद्या प्रदान करते ही हैं साथ ही स्वयं भी मन की शांति अर्जित करते हैं |

Wisdom,Internet (Global Space) and Books

It has been said in the Gita – ‘Knowledge of freedom is not possible’ without liberation is not possible. The main path to attaining knowledge is ‘Swadhyay’. Important sources of knowledge and study – Books | There is abundant literature available in every language today. Each person can expand his knowledge horizon by studying according to his ability.

There was an era when the publication of books was not possible. The medium of knowledge was the voice. But in today’s modern era, the ideas of the sage Muni, philosophers, Tantric and astrological scholars are available in printed form with the modern technology of book printing. By studying all this, we can move our life on the path of progress.

Books give us courage and patience. Good, enlightening literature gives us the same soul power as nectar. The enjoyment of reading books is similar to that of Brahmanand.

Vedas, Shastras, Ramayana, Mantra compositions and Gita are the priceless treasures of our lives. Since the beginning of creation, the entire knowledge of the present period is safe in the books.

Bhartihari said that intelligent people are those who spend their time in science-study. We should also contemplate the study of books. There is a deep connection between study, contemplation and meditation. Without study, reflection is not refined and without study, it is useless.

But today’s generation is more interested in reading all the books on the internet free of charge through e-book in a short time. But spending too much time on the computer causes adverse effects on eyesight, as well as mental pressure. With this, the readers should also keep in mind that incomplete information of most texts is available on the internet so that they can be harmed.

Therefore, readers should study on their convenience and time by purchasing books at reasonable prices. The biggest advantage of obtaining knowledge by reading books and reading is that books remain with us for a long time, they get an attachment, they can be reviewed easily. We can not experience the joy of reading books, on the physical device like computer or mobile. Our purpose is not to oppose the information found on the computer or mobile but we can only get information from the internet, it can not be the medium of complete knowledge.

Books are such friends that are helpful in every location and time. For this reason millions of people keep Geeta, Hanuman Chalisa and Guruvani always with you. When the time is available, the text of these books provides support. Many people distribute small books of knowledge and provide lakhs of people with knowledge and also earn peace of mind themselves.

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